Sarkaar - RAJASTHAN Channel
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“सरकार” का मुख्य उद्देश्य राजस्थान सरकार के सभी कामकाज को आम लोगों के बीच लेकर जाना है । और साथ ही साथ राज्य सरकार की योजनाओं, सूचनाओं, घोषणाओं और आदेशों को राज्य के आम लोगों तक भेजने का होगा ।
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*कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा*

हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना में न हो लापरवाही - मुख्यमंत्री

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि* जिन जिलों में कोरोना के पॉजिटिव केसेज बढ़ रहे हैं, वहां जिला कलेक्टर आवश्यकता अनुसार सीमित क्षेत्र में
• लॉकडाउन,
• रात्रि कफ्र्यू,
• कन्टेनमेंट सहित अन्य पाबंदियां लगा सकते हैं।

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि* लॉकडाउन खुलने के बाद लोगों में कोरोना के प्रति सतर्कता में कमी आई है। साथ ही
• आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधिया,
• परिवहन एवं अन्य आवागमन के दौरान लापरवाही के कारण तेजी से मामले बढ़े हैं।
• ऎसे में कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना ज़रूरी है।

*श्री गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर* कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होने कहा कि लोग हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरते। लॉकडाउन की तरह ही पूरी गम्भीरता के साथ
• मास्क लगाने,
• सोशल डिस्टेंसिंग,
• सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूंकने सहित
• अन्य सावधानियों का पालन करें,

_क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार आने वाले समय में कोरोना की स्थिति और विकट हो सकती है।_

*मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों का* संचालन आवश्यक है, लेकिन वहां हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि कार्य स्थलों एवं कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करवाया जाए।

साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि
• किसी भी स्थान पर भीड़भाड़ नहीं हो।
• लोग बेवजह घरों से नहीं निकलें।

उन्होंने कहा कि होम क्वारेंटीन में रह रहा कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करे तो उसे संस्थागत क्वारेंटीन में भेजा जाए।

*बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों के लिए किए जा रहे दूसरे सर्वे में* अब तक 3 लाख 23 हजार 162 परिवारों के करीब 13 लाख 76 हजार परिवारों ने पंजीयन करवाया है।
• यह सर्वे 15 अगस्त तक चलेगा।

*चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव* श्री अखिल अरोरा ने बताया कि अलवर, बाड़मेर, बीकानेर, कोटा, पाली आदि शहरों में रात्रिकालीन कफ्र्यू एवं सीमित क्षेत्र में कंटेनमेंट किया गया है।

*चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया ने बताया कि* प्रदेश में अब तक 115 रोगियों को प्लाज्मा थैरेपी दी जा चुकी है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध सभी अस्पतालों में रेमेडिसिविर एवं टोसिलीजूमेब इंजेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं।


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*अबकि बार नहीं होगा रामदेवरा मेला*

इस बारे में जिला कलक्टर श्री आशीष मोदी ने आदेश जारी किया है।

*अबकि बार अगस्त (भाद्रपद) में जैसलमेर जिले के रामदेवरा में होने वाला मेला नहीं होगा।*
आदेश के अनुसार कोरोना महामारी संदर्भित अनलॉक-3 संबंधित गाइड लाइन्स के मद्देनज़र धार्मिक स्थल प्रबन्धन/विनियमित हेतु जिलास्तरीय समिति की जून में हुई बैठक में सामने आए सुझावों को देखते हुए अगस्त (भाद्रपद) मास में आयोजित होने वाला बाबा रामदेवरा मेला स्थगित करने का प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।

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*मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र*

किसानों के हित में राष्ट्रीय आपदा घोषित हो टिड्डी प्रकोप

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को*& पत्र लिखकर टिड्डी प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।
_उन्होंने कहा है कि विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान सहित अन्य राज्यों में खरीफ-2020 एवं रबी 2020-21 की फसलों में होने वाले संभावित नुकसान, कोरोना महामारी के कारण राज्यों की कमजोर आर्थिक स्थिति तथा किसानों के हित में यह निर्णय किया जाना उचित होगा।_
इससे टिड्डी प्रकोप से निपटने के लिए राज्यों की क्षमता और सुदृढ़ होगी।

*अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करे केंद्र सरकार*
श्री गहलोत ने पत्र में कहा है कि टिड्डी प्रकोप एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। नए टिड्डी दलों की उत्पत्ति पर अंकुश लगाने के लिए उन्हें उनके उद्गम स्थलों पर ही रोकना आवश्यक है। इसके लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय कर टिड्डी से प्रभावित सभी देशों के साथ बातचीत करे, ताकि टिड्डी के प्रभावी नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
_उन्होंने कहा है कि अफ्रीका एवं खाड़ी देशों में व्यापक पैमाने पर टिड्डी का प्रजनन हुआ है। इसके चलते सीमापार से लगातार टिड्डी दलों का राजस्थान सहित अन्य राज्यों में प्रवेश हो रहा है।_

*टिड्डी अब बहुराज्यीय समस्या*
मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि इस वर्ष राज्य में 11 अप्रेल से टिड्डियों का प्रवेश हुआ और 33 में से 32 जिले इसके प्रकोप से प्रभावित हुए हैं। इस वर्ष राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी टिड्डियों का प्रकोप हुआ है। अब यह समस्या बहुराज्यीय समस्या बन चुकी है। देश में इतने बडे़ पैमाने पर टिड्डी का प्रकोप कई दशकों बाद देखा गया है। ऐसे में इस समस्या को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना सभी प्रभावित राज्यों एवं वहां के किसानों के हित में होगा।

*प्रभावी नियंत्रण के बावजूद रबी में किसानों को हुआ एक हजार करोड़ का नुकसान*
श्री गहलोत ने पत्र में बताया है कि वर्ष 2019-20 में राजस्थान में 12 जिलों का करीब 6 लाख 70 हजार हैक्टेयर क्षेत्र टिड्डी से प्रभावित रहा। भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से टिड्डी दलों को काफी प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया गया, लेकिन फिर भी रबी की फसलों में

*किसानों को करीब एक हजार करोड़ रूपए का नुकसान हुआ।*
उन्होंने बताया है कि वर्ष 2020-21 में भी राज्य में अब तक करीब 3 लाख 83 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया है, लेकिन विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन के पूर्व अनुमानों के मुताबिक इस वर्ष राज्य में टिड्डी का प्रकोप पहले की तुलना में काफी ज्यादा होने की आशंका है। ऐसे में केंद्र सरकार समय रहते उचित कदम उठाए।

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*भील समुदाय की बेहतरी के लिए*

_सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा टीएडी की समीक्षा : पश्चिमी राजस्थान के भील समुदाय की बेहतरी के लिए बनाएंगे कार्य योजना_

*मूख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि* प्रदेश के हर जरूरतमंद को सामाजिक सुरक्षा देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टीएसपी क्षेत्र से बाहर पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर आदि जिलों में बिखरे रूप में रह रहे भील समुदाय के परिवारों को मुख्य धारा में लाने के लिए कार्ययोजना बनाएगी,
• ताकि उनकी शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
• एक कमेटी गठित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

*आदिवासी छात्रों के लिए जोधपुर में हॉस्टल एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट*
मूख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर संभाग में आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए जोधपुर में हॉस्टल एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट खोला जाए। इससे इन जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि
• प्रदेशभर के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए
• राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
• कोविड-19 महामारी को देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यह दिवस मनाया जाए।

*योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सोशल एक्टिविस्टों के सुझाव उपयोगी*
मूख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में एनजीओ एवं सोशल एक्टिविस्टों की बड़ी भूमिका रही है। उनके सुझाव योजनाओं के बेहतर एवं पारदर्शी रूप से क्रियान्वयन में उपयोगी होते हैं। खासकर बाल श्रम उन्मूलन, सिलिकोसिस, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना सहित सूचना के अधिकार के माध्यम से पारदर्शिता लाने में इन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

*नशा मुक्ति अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करें*
श्री गहलोत ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाले नशा मुक्ति अभियान को व्यापक एवं प्रभावी रूप से चलाया जाए। इसमें स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

*सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि* बाल श्रम के उन्मूलन के लिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्य स्थलों का निरीक्षण करें। खास तौर पर ऎसे उद्योगों का जहां बालश्रम ज्यादा होने की संभावना रहती है।

*जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री श्री अर्जुन बामनिया ने कहा कि* जनजाति क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से कोचिंग दिलवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में भी टीएसपी क्षेत्र के 5 लाख किसानों को उन्नत किस्म के मक्का बीज उपलब्ध करवाया गया है।

*विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देते हु शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि
• राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुडे़ प्रदेश के 78 लाख से अधिक लाभार्थियों को समय पर भुगतान के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था लागू कर दी है।
• वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्रदेश में उल्लेखनीय काम हुआ है।
• अब मात्र 96 दावों में ही अधिकार पत्र जारी होना शेष हैं।
• प्रदेश में अब तक 44 हजार से अधिक अधिकार पत्र जारी हो चुके हैं।

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*मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय*

असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए जल्द बनेगा बोर्ड

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों* के कल्याण के लिए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने इनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए ‘स्टेट सोशल सिक्योरिटी बोर्ड फॉर अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स‘ का गठन जल्द करने के निर्देश दिए हैं। यह बोर्ड इन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की रूपरेखा तैयार करेगा।

*श्री गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर* वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से श्रम तथा कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सभी जिला कलेक्टर एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुडे़।

*वंचित निर्माण श्रमिकों के पंजीयन के लिए चलाएं अभियान*
मुख्यमंत्री ने वंचित पात्र निर्माण श्रमिकों का भवन एवं अन्य संन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीयन करने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं,
• ताकि हर पात्र श्रमिक को बोर्ड के माध्यम से संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।
• श्रम विभाग के अधिकारी चौखटी तथा निर्माण स्थलों पर जाकर वंचित श्रमिकों को पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करें।

*उद्योगों की मांग के अनुरूप हो कौशल विकास* मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना जरूरी है। इसके लिए वृहद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास के लिए वर्तमान में कई तरह की योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं को एकीकृत एवं सरल बनाया जाए ताकि युवाओं को इनका लाभ लेने में आसानी हो।

*जिला रोजगार अधिकारी अब जिला रोजगार एवं कौशल विकास अधिकारी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के इस दौर में रोजगार का बड़ा संकट पैदा हुआ है। ऎसे में युवाओं एवं श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए उनका कौशल विकास किया जाना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए तैयार किए राजकौशल पोर्टल का जिला कलेक्टर बेहतर उपयोग सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि रोजगार एवं कौशल विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, ऎसे में जिला रोजगार अधिकारी का पदनाम अब जिला रोजगार एवं कौशल विकास अधिकारी किया जाए।

*श्रम राज्यमंत्री श्री टीकाराम जूली ने कहा कि* असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बोर्ड के रूप में मुख्यमंत्री ने एक बड़ी पहल की है। निश्चित रूप से इसका फायदा लाखों श्रमिकों एवं उनके परिवारों को मिल सकेगा।

*कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता राज्यमंत्री श्री अशोक चांदना ने कहा कि* प्रदेश में 229 सरकारी एवं 1700 से अधिक निजी आईटीआई का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। उन्होंने इनका कौशल विकास में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि इन संस्थानों में इण्स्ट्री एवं बाजार की जरूरतों के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं। साथ ही इनकी गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाए और नियमित निरीक्षण किया जाए।

*विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देते हुए* शासन सचिव, श्री नीरज के पवन ने बताया कि
• बीते डेढ़ साल में एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।
• युवाओं को इंग्लिश,
• आई.टी. एवं पर्सनेलिटी डेवलपमेंट का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
• राजकौशल पोर्टल पर 52 लाख 54 हजार श्रमिकों का पंजीयन किया गया है।


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छात्राओं को नहीं देना होगा परीक्षा शुल्क

*चालू सत्र में स्टेट ओपन स्कूल जयपुर से 10वीं एवं 12वीं परीक्षा देने वाली छात्राओं को नहीं देना होगा परीक्षा शुल्क*
• महिला अधिकारिता विभाग करेगा शुल्क वहन
• महिला अधिकारिता विभाग एवं रा.स्टेट ओपन स्कूल जयपुर के बीच एमओयू

*राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर में 10वीं एवं 12 वीं की पढाई करने वाली* छात्राओं को अब परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा। महिला अधिकारिता विभाग एवं स्टेट ओपन स्कूल जयपुर की ओर से इस संबंध में एमओयू किया गया है। इस एमओयू के अनुसार -

*‘‘इंदिरा महिला शक्ति प्रशिक्षण और कौशल संवद्र्धन योजना शिक्षा सेतु’’* के तहत शिक्षा सत्र 2020-21 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं से
• प्रवेश शुल्क,
• पुनः प्रवेश शुल्क,
• आंशिक शुल्क,
• परीक्षा शुल्क,
• प्रायोगिक विषय शुल्क,
• अग्रेषण प्रवेश शुल्क,
• सैद्धान्तिक और
• प्रायोगिक प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बालिकाओं की ओर से यह शुल्क महिला अधिकारिता विभााग वहन करेगा।

*उप निदेशक महिला अधिकारिता डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि* 10वीं की परीक्षा में न्यूनतम 14 वर्ष व 12वी की परीक्षा के लिए न्यूनतम 15 वर्ष तक की बालिका पंजीयन करवा सकती है।
• आयु में कोई अधिकतम सीमा नही है।
• माध्यमिक शिक्षा पाठ्यक्रम में महिला अभ्यर्थी वाले वर्ग के लिए प्रवेश शुल्क एक हजार 225 रूपए (1225/-)

• उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम के लिए एक हजार 475 है। (1475/-)

• पुनःप्रवेश, आंशिक प्रवेश, आईटीआई हेतु पंजीयन एवं परीक्षा शुल्क प्रति विषय माध्यमिक पाठ्यक्रम के लिए 530 रुपए एवं उच्च माध्यमिक के लिए 590 रुपए है।

• दोनों पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक विषय शुल्क प्रति विषय 120 रुपए एवं अग्रेषण शुल्क 50 रुपए है। इन सभी शुल्कों का पुनर्भरण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

*श्री डोगीवाल ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों में प्रति विषय* सैद्धान्तिक परीक्षा शुल्क 150 रुपए, प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 60 रुपए एवं अग्रेषण शुल्क प्रति अभ्यर्थी 5 रुपए है। इनका भी पुनर्भरण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वार किया जाएगा।

*टीओसी और फार्म ऑनलाईन करने की लगेगी फीस*
डॉ. डोगीवाल ने बताया कि बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त विषय शुल्क, टीओसी आवेदन पत्र ऑनलाइन करने का शुल्क छात्राओं को स्वयं वहन करना होगा।

*उल्लेखनीय है कि शिक्षा की सर्वसुलभता एवं सहजता के लिए* राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की स्थापना 21 मार्च 2005 में की गई। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल, स्कूल से बाहर के सीखने के संसााधनों की औपचारिक सहायता देने का माध्यम है।


*सभी संदर्भ केन्द्रों पर समान रूप से लागू होगे शुल्क व प्रवेश आदि नियम* जो विद्यार्थी किन्ही कारणों से अपनी पढाई बीच में छोड़ चुके है या पढाई शुरू ही नहीं कर पाये हों, उनके लिए
• स्टेट ओपन स्कूल घर रहकर 10वीं या 12 वी बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने का विकल्प उपलब्ध करवाता है।
• विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिले के प्रत्येक तहसील,
• मुख्यालय पर संदर्भ केन्द्र संचालित है।
• बोर्ड के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी संदर्भ केन्द्रों पर शुल्क व प्रवेश आदि नियम समान रूप से लागू होते हैं।

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*यूडी टैक्स वसूली : 11 अधिकारियों को नोटिस*

लम्बे समय से टैक्स नहीं चुकाने वाले बकायादारों की सम्पत्तियां होगी सीज

*राजस्व संग्रहण कार्य में लापरवाही बरतने पर* नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज की राजस्व शाखा के 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है।

आयुक्त नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज दिनेश कुमार यादव एवं लोकबन्धु के निर्देश पर उपायुक्त राजस्व नवीन भारद्वाज ने राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों, सहायक राजस्व निरीक्षकों एवं कर निर्धारक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है।

*इसके साथ ही लम्बे समय से यूडी टैक्स बकायादारों की सम्पत्तियों को कुर्क करने के निर्देश भी जारी किये गये है।*

विद्याधर नगर जोन के राजस्व अधिकारी
• अकबर खान,
• डीके बम्बानी,
• हन्सा मीना,

सांगानेर जोन के राजस्व अधिकारी
• प्रमोद शर्मा तथा

हवामहल पश्चिम जोन के राजस्व अधिकारी
• चेतन जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आमेर जोन के राजस्व निरीक्षक
• राजपाल बुनकर,

हवामहल पश्चिम जोन के सहायक राजस्व निरीक्षक
• अजीत सिंह चन्द्रावत,

सांगानेर जोन के सहायक राजस्व निरीक्षक
• चंचल तनेजा,

मोती डूंगरी जोन के सहायक राजस्व निरीक्षक
• देवेन्द्र कुमार सागर,

हवामहल पूर्व जोन के सहायक राजस्व निरीक्षक
• जगदीश प्रसाद तथा

सांगानेर जोन के कर निर्धारक
• गजेन्द्र छाबड़ा को भी कारण बताओ नोटिस देते हुये तीन दिन में जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है।

*इन अधिकारियों द्वारा यूडी टैक्स के बकायादारों को नोटिस तामिल करवाने में लापरवाही* बरतने एवं यूडी टैक्स की कम रसीदे काटने पर नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि पिछली बैठक में सभी बकायादारों को नोटिस तामिल करवाने के निर्देश जारी किये गये थे।

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*पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक*

मुख्यमंत्री - जल्द लाएंगे नई पर्यटन नीति, लपकों कि समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि* राजस्थान पर्यटन का महत्वपूर्ण केन्द्र है। इससे प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई पर्यटन नीति लाएगी। प्रदेश में करीब 20 साल बाद लाई जा रही इस पर्यटन नीति से कोविड-19 के कारण संकट का सामना कर रहे पर्यटन क्षेत्र को पुनः पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी।

*श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर* वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पर्यटन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में श्री गहलोत ने पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से भी संवाद किया और पर्यटन को गति देने के लिए उनके सुझाव भी जाने।

*श्री गहलोत ने कहा कि मेले एवं उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं* ज्यादा से ज्यादा देशी एवं विदेशी पर्यटक इनसे जुड़ सकें इसके लिए इन्हें नया रूप दिया जाए। पुष्कर मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, कुंभलगढ़, बूंदी उत्सव सहित अन्य मेलों एवं उत्सवों की नए सिरे से ब्रांडिंग की जाए। इनमें नई सोच के साथ ऎसी गतिविधिया को शामिल करें जिनसे पर्यटक आकर्षित हों।

*मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में बड़ी संख्या में* प्राचीन एवं पुरामहत्व के धार्मिक स्थल हैं। अधिकारी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इन धार्मिक स्थलों के विकास की रूपरेखा तैयार करें। उन्होंने कहा कि भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में पानी की समस्या दूर करने के लिए स्थायी हल निकाला जाए।

*श्री गहलोत ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लपकों की समस्या* के कारण सैलानियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है और ठगी की शिकायतें भी सामने आती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

*पर्यटन राज्यमंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि* पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कोरोना के इस समय में वर्चुअल सेमिनार, मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन जैसे नवाचार अपनाए जा सकते हैं। नई पर्यटन नीति का प्रारूप तैयार है। इसी माह के अंत तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

*मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप ने कहा कि* कोविड-19 के कारण पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अनलॉक के तहत जैसे-जैसे आर्थिक गतिविधियों को अनुमत किया जा रहा है, वैसे-वैसे इस क्षेत्र को भी गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

*पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव श्री आलोक गुप्ता ने प्रस्तुतीकरण में* बताया कि पर्यटन क्षेत्र से प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 40 लाख लोग जुड़े हुए हैं। इसका राज्य की जीडीपी में बड़ा योगदान है।
• विभाग प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयास कर रहा है।

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*रीको में सीधी भर्ती*

करीब 238 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश जारी-उद्योग मंत्री

*उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीणा ने बताया है कि* राज्य सरकार के उपक्रम रीको में विभिन्न श्रेणी के करीब 238 पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा। उन्होंने सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरु करने के रीको की पत्रावली पर आदेश जारी कर दिए हैं।

*उद्योग मंत्री ने बताया कि रीको में उप प्रबंधक से* अधीनस्थ सहायक श्रेणी तक के करीब 238 पद लंबें समय से रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि रीको में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता व बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

*श्री मीणा ने बताया कि रीको में*
• उपमहाप्रबंधक आईटी/टेक के 8,
• उपप्रबंधक एचआरडी/जीएडी/इन्फ्रा के 2,
• प्रोगामर कम ऑपरेटर के 2,
• सहायक स्थल अभियंता सिविल के 43,
• सहायक लेखाधिकारी द्धितीय के 23,
• कनिष्ठ विधि अधिकारी के 12,
• कनिष्ठ अभियंता पॉवर के 3,
• कम्प्यूटर ऑपरेटर कम सीनियर असिसटेंट के 2,
• आशुलिपिक के 9,
• ड्राफ्ट्समैन कम ट्रेसर के 13,
• कनिष्ठ सहायक के 74,
• वाहन चालक प्रथम के 9 और
• अधीनस्थ सहायक के 38 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे थे। उन्होंने बताया कि इन सभी पदों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया रीको द्वारा जल्दी ही शुरु करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक

*पंचायत सहायकों को जल्द मिलेगा मानदेय*

100 करोड़ की स्वीकृति तत्काल जारी करने के निर्देश

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के समक्ष* बैठक में करीब 26 हजार पंचायत सहायकों को मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने लाया गया तो उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य को तत्काल प्रभाव से 100 करोड़ रूपए की स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों को जल्द से जल्द मानदेय का भुगतान किया जाए।

*नई पंचायतों और पंचायत समितियों के लिए ग्राम विकास अधिकारी और बीडीओ के पद जल्द सृजित करें*

मुख्यमंत्री ने राज्य में नवगठित 1456 नई ग्राम पंचायतों तथा 57 नई पंचायत समितियों के लिए ग्राम विकास अधिकारी एवं ब्लॉक डवलपमेंट ऑफिसर के नए पद जल्द सृजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवाद के दौरान कोरोना के संक्रमण के कारण आवश्यकतानुसार विद्युत शवदाह गृह के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

*मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बैठक में*
• प्रधानमंत्री आवास योजना,
• स्वच्छ भारत मिशन,
• राष्ट्रीय रूर्बन मिशन योजना,
• सीमान्त क्षेत्रीय विकास योजना,
• महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना,
• डांग, मगरा एवं मेवात विकास योजना सहित
• ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से जुड़ी अन्य योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की बड़ी भूमिका है। वह इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर लोगों को राहत प्रदान करे।

*मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रदेश की* ज्यादातर जनसंख्या गांव में निवास करती है। उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाए। साथ ही राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत आमजन को जागरूक कर हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करवाएं, ताकि गांवों में संक्रमण नहीं फैले।

*अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज* श्री राजेश्वर सिंह ने विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि मनरेगा योजना के तहत प्रदेश में एक दिन में अधिकतम नियोजित श्रमिकों की संख्या 53.45 लाख है, जो गत वर्षों से 20 लाख अधिक है। इस वर्ष करीब 6 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं।

*आप हमारें द्वारा भेजी गयी सूचना से संतुष्ट हो तो लिकं के द्वारा सरकार से जुड़ सकते हैं :*
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